तीन बहनों की चुत चुदाई की कहानी- 1

सेक्सी कॉलेज गर्ल्स स्टोरी तीन सगी बहनों की है. तीनों एक ही कॉलेज में पढ़ती हैं. तीनों सेक्स की प्यासी हैं मगर उनके चाचा के दबदबे के कारण कोई उनकी ओर नहीं देखता.

यह पूर्व प्रकाशित कहानी है जिसे पुनः सम्पादित करके प्रकाशित किया गया है.

हैलो फ्रेंड्स, ये सेक्सी कॉलेज गर्ल्स स्टोरी एक जागीरदार परिवार की तीन सुंदर सेक्सी लड़कियों की कुंवारी चुत चुदाई की कहानी है.

बलवान सिंह की हवेली में हर समय तीन खूबसूरत हसीन बहनों की हंसी मजाक की आवाजें सुनाई पड़ती थीं.
ये तीनों हसीन बहनें बलवान सिंह के स्वर्गीय भाई का निशानी थीं.
लेकिन इन तीन लड़कियों का बाप बलवान सिंह ही था.

इन तीन हसीन बहनों का नाम सिमरन (24 साल), हरलीन (22 साल) और शीरीन (20 साल) था.
तीन बहनों की फिगर बहुत ही सेक्सी थी. उनकी चूचियों और चूतड़ों का आकार बहुत फूला हुआ था.

किसी भी मर्द को उनको देख कर अपने आपको रोकना बहुत ही मुश्किल हो जाता था.

इन तीनों के असली बाप और चाचा बलवान सिंह का शहर में बहुत दबदबा था और इसलिए कोई लड़का इनकी तरह अपनी आंख उठा कर देखने की भी जुर्रत नहीं करता था.

ये तीनों बहनें अभी तक कुंवारी ही थीं और अपनी वासना खत्म करने का काम अपनी चुत में उंगली या बैगन खीरा मूली गाजर आदि डालकर चलाती थीं.

वे सब एक दिन कार में सवार होकर कॉलेज जा रही थीं. कार की ड्राइविंग सीट पर हरलीन बैठी थी और वो मस्ती से कार चला रही थी.

अचानक एक जोरदार ब्रेक लगने के साथ कार एक झटके से रुक गयी.
पीछे बैठी सिमरन और शीरीन ने उसी समय हलकान होते हुए हरलीन की तरफ देखा.

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सिमरन ने पूछा- क्यों क्या हुआ … तुमने अचानक कार क्यों रोक दी?
हरलीन बोली- चिल्ला क्यों रही हो … कार के सामने का नजारा तो देखो. कितना नशीला नजारा है.

अब सिमरन और शीरीन ने सामने का सीन देखा कि कार के सामने बीच सड़क पर एक कुत्ता और कुतिया गांड से गांड मिला कर चिपके हुए थे. यानि कुत्ता और कुतिया चुदाई कर रहे थे और अपनी अपनी जीभ निकाल कर हांफ़ रहे थे.

सिमरन और शीरीन चहक कर बोलीं- वाह … सच में क्या हसीन नजारा है.
हरलीन बोली- हमसे तो ज्यादा किस्मत वाली ये कुतिया है. क्या मस्ती से अपनी चूत चुदवा रही है.

इस पर सिमरन और शीरीन ने एक साथ कहा- हां, हमारे चाचा बलवान सिंह के डर के मारे कोई लड़का हमें घास भी नहीं डालता है. लगता है कि अपने नसीब में कुंवारी ही रहना लिखा है और हम तीनों को अपनी चूत की आग अपनी उंगलियों से ही बुझानी है.

ये ही सब बातें करते हुए उन तीनों के दिमाग में उसी समय चुदने के लिए एक आइडिया आया.
उन्होंने आपस में कुछ बात की और फैसला ले लिया.

तीनों के फैसला लेते ही हरलीन ने कार को प्रोफेसर आलोक के घर की तरफ़ घुमा दी.

प्रोफेसर आलोक की उम्र उस समय लगभग 35 साल की थी और उसकी शादी अभी नहीं हुई थी. वो बहुत ही रंगीन मिजाज का था … मतलब वो एक बहुत चोदू किस्म का आदमी था. उसके लंड की लम्बाई 7 इंच और मोटाई 4 इंच की थी.
ये बात कॉलेज की लगभग सभी लड़कियां और मैडम लोग को मालूम थी.

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प्रोफेसर आलोक को अपने नायाब लंड और अपनी चुदाई की कला पर बहुत गर्व था. पूरे कॉलेज की काफी सारी लड़कियां और मैडम उनसे अपनी चूत चुदवा चुकी थीं.
आलोक इन सब लड़कियों और मैडमों को बातों बातों में फंसा कर अपने घर ले जाया करता था और फिर उनको नंगी करके उनकी चूत चोदा करता था.

प्रोफेसर आलोक चोरी चोरी इन तीनों बहनों की जवानी को भी घूरा करता था … मगर वो बलवान सिंह के डर से इनसे दूर ही रहता था.

आलोक की नजरों में खुद के लिए वासना को देखना और ललचाने वाली बात इन तीनों बहनों को मालूम थी.

आज कुछ तय करके इन तीनों बहनों ने अपनी कार प्रोफेसर आलोक के घर के सामने जाकर रोक दी.

प्रोफेसर आलोक उस समय अपने घर पर ही था और एक लुंगी पहन कर अपना लंड सहलाते हुए एक ब्लू फिल्म देख रहा था.

प्रोफेसर आलोक ने इन तीन बहनों को कार से उतरते देखा तो जानबूझ कर टीवी ऑफ़ नहीं किया.
उसने ऐसा दिखाया कि उसे इन लोगों के आने की बात मालूम ही नहीं पड़ी.

टीवी पर उस समय एक गर्मागर्म चुदाई का सीन चल रहा था जिसमें एक आदमी दो लड़कियों को एक साथ मजा दे रहा था.
वो एक लड़की की चुत में अपने लंड को पेल रहा था और दूसरी लड़की की चुत को अपनी जीभ से चोद रहा था.

लड़कियां अपनी चूत चुदाई के समय अपनी अपनी कमर उछाल कर लंड और जीभ अपनी अपनी चूत में ले रही थीं.

ये तीनों बहनें सीधे प्रोफेसर आलोक के कमरे में पहुंच गईं.

प्रोफेसर आलोक इन तीन बहनों को देख कर घबराने का नाटक करने लगा.
फिर उसे रिमोट नहीं मिला तो उसने उठ कर टीवी ऑफ़ कर दिया.

मगर तब तक टीवी पर चल रही चुदाई की फिल्म पर इन तीनों चुदासी बहनों की नजर जा चुकी थी.

आलोक बोला- अरे … तुम लोग अचानक से यहां कैसे?
तीनों बहनों ने एक साथ प्रोफेसर आलोक से पूछा- सर, आप टीवी पर क्या देख रहे थे?

प्रोफेसर आलोक ने उन तीनों बहनों के चेहरे देख कर उनके मन की बात पहचान ली और उनसे पूछा- मैं जो कुछ टीवी पर देख रहा था … क्या तुम लोग भी देखना चाहोगी?
तीनों बहनों ने एक साथ अपनी मुंडी हिला कर हामी भर दी.

प्रोफेसर आलोक ने फिर से टीवी ऑन कर दिया और सब लोग पलंग और सोफ़ा पर बैठ कर ब्लू फिल्म देखने लगे.

आलोक एक सोफ़ा पर बैठा था और उसके बगल वाले सोफ़ा पर हरलीन और शीरीन बैठी थीं … जबकि पलंग पर सिमरन बैठी थी.

उधर प्रोफेसर आलोक ने देखा कि ब्लू फिल्म की चुदाई के सीन देख कर तीनों बहनों का चेहरा लाल हो गया था और उन तीनों की सांसें भी जोर जोर से चल रही थीं.

उनकी सांसों के साथ साथ उनकी चुचियां भी उनके कपड़ों के अन्दर उठ बैठ रही थीं.

क्या हसीन नजारा था. एक साथ तीन जोड़ी चुचियां आलोक की आंखों के सामने उठ बैठ रही थीं और सांसें गर्म हो रही थीं.

कुछ देर के बाद सिमरन, जो कि इन बहनों में सबसे बड़ी थी, अपना हाथ अपने बदन पर और चूचियों पर फेरने लगी.

आलोक उठ कर सिमरन के पास पलंग पर बैठ गया. उसने पहले सिमरन के सर पर हाथ रखा और एक हाथ से उसके कंधों को पकड़ लिया.
इससे सिमरन का चेहरा प्रोफेसर आलोक के सामने हो गया.

आलोक ने धीरे से सिमरन के कानों के पास अपना मुँह रख कर पूछा- क्या तुमको बहुत गर्मी लग रही है, पंखा चला दूं क्या?
सिमरन बोली- नहीं सर, ऐसे ही ठीक है.

फिर सिमरन आलोक सर के चेहरे को आंखें गड़ा कर देखने लगी.
आलोक पलंग से उठ कर पंखा फ़ुल स्पीड में चला दिया.

पंखा चलते ही सिमरन की साड़ी का आंचल उड़ने लगा और उसकी दोनों चूचियां साफ़ साफ़ दिखने लगीं.

अब आलोक पलंग पर ही सिमरन के बगल में बैठ गया. उसने सिमरन का एक हाथ अपने हाथ में ले लिया और धीरे से पूछा- क्या मैं तुम्हारे हाथ को चूम सकता हूँ?

ये सुनते ही सिमरन ने पहले तो अपनी बहनों की तरफ़ देखा, फिर अपनी हथेली आलोक के हाथों में देकर अपना हाथ ढीला छोड़ दिया.

आलोक ने भी फुर्ती से सिमरन का हाथ खींच कर अपने मुँह के पास किया और उसकी हथेली पर एक चुम्मा रख दिया.

चुम्मा देकर वो बोला- बहुत मीठी है तुम्हारी हथेली … मुझे मालूम है कि तुम्हारे होंठों का चुम्मा इससे भी ज्यादा मीठा लगेगा.

यह कह कर आलोक सिमरन की आंखों में देखने लगा.
पहले तो सिमरन कुछ नहीं बोली, फिर उसने अपनी हथेली आलोक के हाथों से खींचते हुए अपने मुँह के पास रख लिया.

अब सिमरन बोली- जब आपको मालूम है कि मेरे होंठों का चुम्मा और भी मीठा होगा … और आपको सुगर की बीमारी नहीं है, तो देर किस बात की है … जल्दी से और मीठा खा लीजिए.

उसकी बात सुनकर आलोक ने अपने होंठों को आगे बढ़ाया और सिमरन के होंठों पर रख दिए.
सिमरन ने भी अपने होंठों को ढीला छोड़ दिया और वो आलोक के होंठों से अपने होंठ मिला कर गर्म सांसों का अहसास करने लगी.

आलोक अपने होंठों से सिमरन के होंठों को खोलते हुए उसका निचला होंठ चूसने लगा.

सिमरन अपने होंठों की चुसाई से गर्म हो गई. उसने आलोक के कंधों पर अपना सिर रख दिया.

आलोक ने सिमरन का ये हाल देख कर धीरे से अपना हाथ बढ़ा कर ब्लाउज के ऊपर से ही उसकी एक चूची को पकड़ कर दबा दिया.

इससे सिमरन के कंठ से मादक आवाज निकल गई और वो आलोक से और ज्यादा चिपक गई.

अब आलोक अपने एक हाथ से सिमरन की एक चूची को सहला रहा था और अपने दूसरे हाथ को वो सिमरन के चूतड़ों पर फेर रहा था.
सिमरन उसकी इस हरकत पर पहले तो थोड़ा कसमसाई और अपनी बहनों के तरफ़ देखने लगी और अंततः उसने भी आलोक को जोर से अपने बांहों में भींच लिया.

आलोक ने अब सिमरन के दोनों चूचों पर अपने दोनों हाथ जमा दिए और उन्हें पकड़ कर मसलने लगा.

यह पहली बार था कि जब किसी मर्द का हाथ सिमरन के शरीर को मसल रहा था.
वो जल्दी ही बहुत ज्यादा गर्मा गयी और उसकी सांसें जोर जोर से चलने लगीं.

आलोक सिमरन की चूचियों को मसलते हुए उसके होंठों को चूमने लगा.

आलोक इधर सिमरन को चोदने की तैयारी कर ही रहा था कि तभी उसने देखा कि सिमरन की दोनों बहनें हरलीन और शीरीन भी अपने अपने मम्मों को सहला रही हैं.
वो दोनों बड़ी गौर से आलोक और सिमरन के बीच चल रही जवानी का खेल देख रही हैं.

आलोक समझ गया कि वो अब इन तीनों बहनों के साथ कुछ भी कर सकता है. ये तीनों बहनें अब उसके काबू में हैं और वो जो भी चाहेगा वो इनके साथ कर सकता है.

आलोक ने फिर से अपना ध्यान सिमरन की शरीर पर डाल दिया.

उसने सिमरन की चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से मसलते हुए उसे जोर से चूमा और अपना एक हाथ उसके ब्लाउज के अन्दर ले गया. अब आलोक जोर जोर से सिमरन की दोनों चुचों को पकड़ कर दबाने लगा. कभी कभी वो अपने दो उंगलियों के बीच सिमरन के निप्पल को लेकर मींज रहा था और सिमरन आलोक के कनधो से लिपटी हुई चुपचाप आंखें बंद करके अपनी चूचियों को मसलवा रही थी.

आलोक ने धीरे धीरे सिमरन का ब्लाउज और उसकी टाईट ब्रा को खोल दिया और सिमरन की कसी हुई चूचियों को मादक निगाहों से देखने लगा.

सिमरन ने अपनी आंखें आलोक के आंखों में डाल कर पूछा- सर, कैसी है मेरी चूचियां … आपको पसंद आई या नहीं?

आलोक तो सिमरन की गोल गेंदों सी चूचियों को देख कर पहले ही पागल सा हो गया था.

वो उसकी एक चूची को सहलाते हुए बोला- सिमरन, तुम मेरी पसंद ना पसंद पूछ रही हो … जबकि आज तक मैंने इतनी शानदार चूचियां कभी नहीं देखी हैं. तुम्हारी चूचियां बहुत ही ज्यादा सुंदर हैं सिमरन रानी और यह मुझको पागल बना रही हैं. इनको देख कर मैं अपने आपको रोक ही नहीं पा रहा हूँ.

सिमरन बोली- मेरी चूचियां देख कर आपको क्या कुछ हो रहा है?
आलोक ने बोला- हां मैं अब तुम्हारी इन रसभरी चूचियों को चूसना और काटना चाहता हूँ.

ये कह कर आलोक ने सिमरन की एक चूची को अपने मुँह में भर लिया और मज़े ले लेकर चूसने लगा.

अपनी चूची की चुसाई शुरू होते ही सिमरन पगला सी गयी और अपने हाथ को बढ़ा कर आलोक का लंड उसकी पैंट के ऊपर से ही पकड़ कर मरोड़ने लगी.

सिमरन की गर्मी देख कर आलोक ने अपने हाथों से अपना पैंट उतार दिया और फिर से सिमरन की एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा.
वो दूसरी चूची को अपने हाथ में लेकर मसलने लगा.

सिमरन भी अब अपने आपको रोक नहीं पाई और उसने अपने हाथ से आलोक का अंडरवियर उतार दिया.

आलोक का अंडरवियर उतरते ही उसका 7 इंच का मोटा लंड बाहर आकर अपने आप ऐसे हिलने लगा मानो वो इन हसीन बहनों को अपना सलाम बज़ा रहा हो.

तीनों बहनें आलोक का लम्बा और मोटा लंड देख कर हैरान हो गईं.

आलोक ने सिमरन को अपनी गोद में उठाया और नीचे उतर कर फिर से पलंग पर किनारे से लिटा दिया.
सिमरन को लिटाने के बाद आलोक ने सिमरन की साड़ी को उसकी कमर से खींच कर निकाल दिया और अब वो पलंग पर सिर्फ पेटीकोट पहने चित लेटी हुई थी.

आलोक सिमरन की बुर को उसके पेटीकोट के ऊपर से पकड़ कर दबाने लगा. सिमरन की बुर को अपने हाथों से मसलते हुए उसने पेटीकोट का नाड़ा ढीला कर दिया.

सिमरन ने भी पेटीकोट का नाड़ा खुलते ही अपनी कमर ऊपर कर दी, जिससे आलोक को उसके पेटीकोट को उसके चूतड़ों से नीचे खींचने में आसानी हो और वो पेटीकोट को निकाल सके.

आलोक ने सिमरन का पेटीकोट उसके फूले फूले चूतड़ों के नीचे कर दिया और उसको सिमरन के पैर से अलग करके पलंग के नीचे फैंक दिया.

अब सिमरन आलोक के सामने अपने गुलाबी रंग की पैंटी पहन कर लेटी हुई थी.
आलोक ने 69 में आकर अपना मुँह सिमरन की बुर के पास को किया और उसकी पैंटी के ऊपर से बुर को चूमने लगा.

इधर आलोक सिमरन को नंगी कर रहा था तो उधर सिमरन भी चुप नहीं थी.
सिमरन आलोक का लंड हाथ में लेकर ऊपर नीचे करने लगी और उसके लंड का सुपारा खोल कर उसको अपने मुँह में ले लिया और जीभ से चाटने लगी.

इससे आलोक का लंड अब और भी कड़क हो गया.

तब तक आलोक, सिमरन की बुर को उसकी पैंटी के ऊपर से ही अपने नाक लगा कर सूंघ रहा था और चूम रहा था.

सेक्स कहानी के अगले भाग में इन तीनों चुदासी बहनों की चुदाई के रस को आगे लिखूंगा. सिमरन को अपनी कुंवारी बुर में आलोक के लंड से कैसा मजा आया … इसका पूरा वर्णन लिखूंगा. आप सेक्सी कॉलेज गर्ल्स स्टोरी पर कमेंट्स करना न भूलें.
आपका पार्थो सेन गुप्ता
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सेक्सी कॉलेज गर्ल्स स्टोरी का अगला भाग: प्रोफेसर ने कुंवारी लड़कियों की चूत फाड़ दी

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